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तुमसे अच्छा कोई सहारा नहीं मिला ,
इस दरिया को कोई किनारा नहीं मिला ।
यूं तो आएं ज़िंदगी में समझदार लोग भी ,
मगर तुम जैसा कोई सितारा नहीं मिला ।
यूं तो हजार देखे मंजर इन आंखों ने ,
तुमसे हसीं कोई नजारा नहीं मिला ..!!
हर राह पर चलती रही ये ज़िंदगानी,
पर मंजिल कोई भी दोबारा नहीं मिला ।
लाख कोशिशें की इन लबों ने मुस्कुराने की,
मगर तेरे बिन कोई इशारा नहीं मिला ।
ढूंढा मैंने इस जहाँ के हर कोने में,
पर कोई वजूद इतना प्यारा नहीं मिला ।
यूँ तो महफ़िलें सजीं हर रोज़ रोशनियों से,
मगर तेरी आँख जैसा उजियारा नहीं मिला ।
भीड़ में खोया रहा दिल, पुकारता रहा नाम तेरा,
इस भीड़ में कोई गवारा नहीं मिला ।
यूँ तो दौलत और शोहरत की कमी न हुई,
पर तेरे प्यार सा कोई खजाना नहीं मिला ।
कई साज़ बजे, कई राग अलापे गए,
मगर तेरी धड़कन सा कोई नगाड़ा नहीं मिला ।
देखा है मैंने हर रिश्ते को टूटते-बनते,
पर तेरे साथ जैसा कोई किनारा नहीं मिला ।
बहुत बातें की लोगों ने, ज्ञान की, प्रेम की,
पर तेरी खामोशी सा कोई सहारा नहीं मिला ।
हाँ, तेरी परछाई से ही है इस दिल की रौनक,
तुझसे दूर जाकर कोई गुजारा नहीं मिला ।
बस एक तू ही है जो मेरे हर दर्द की दवा है,
तेरे अलावा कोई हमारा नहीं मिला ।
यह जीवन भी अब तेरे नाम कर दिया है,
अब जीने का और कोई सहारा नहीं मिला ।
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