Showing posts with label velocity of time. Show all posts
Showing posts with label velocity of time. Show all posts

Sunday, 23 November 2025

बस कुछ और पल


बस कुछ और पल...

फिर यह पल भी ढल जाना है।

जो ठहरा लगता है आज,

उसका भी आगे निकल जाना है।


​जो बीते दिन हैं,

बस यादों में ही सुलझ रहे,

उनको धुंधला ही हो जाना है।

बस कुछ और पल...


​जो जीवन की डगर है,

रुकती नहीं, बहती जाती है,

उसको गंतव्य पर पहुंच जाना है।

बस कुछ और पल...


​जो हर श्वास है आती-जाती,

जैसे हवा का झोंका हो कोई,

उसको थम कर ठहर जाना है।

बस कुछ और पल...


​जो उम्मीदें हैं पनपती,

हर रोज नए ख्वाबों की तरह,

उनको स्वप्न ही बन रह जाना है।

बस कुछ और पल...


​जो कल की आहट है,

आज को लीलने को आतुर,

जरा-जरा उसको अतीत हो जाना है।

बस कुछ और पल...


जो रिश्तों की तपिश है,

दिल में धड़कती मौन सी आग,

उसे भी राख बन मिट जाना है।

बस कुछ और पल…


जो मुस्कानों का कारवां है,

आँसुओं की गलियों से गुज़रता,

उसे भी ख़ामोश रात बन जाना है।

बस कुछ और पल…


फिर सब धुंधला, सब फीका,

सिर्फ़ हवाओं में नाम रह जाएंगे,

जो आज है, वो कल कहानी बन जाना है।

बस कुछ और पल…

.....

लेखक: गोलू कुमार गुप्ता

.....