लुटा दें मोहब्बत, चुरा लें पनाहें।
वो झुमके, वो पायल की मीठी सी टनक,
मिटा दे दिलों की तमाम ही खनक।
वो होंठ गुलाबी, वो मीठी सी हँसी,
खिल उठे बहारें, महक जाए धरी।
गालों पे लाली, वो शरम का असर,
लगता है जैसे हो पहला सफ़र।
ओढ़नी से झांकता तेरा चेहरा गुलाल,
मानो सजे हो बसंती सा हाल।
तेरे कदमों की आहट, वो नरम सा चलन,
जगा दे हज़ारों हसीन सा सपन।
तेरा इठलाना, तेरी अदाओं का खेल,
बसा दे दिलों में मोहब्बत का मेल।
तेरी सांसों की खुशबू, वो नशा सा असर,
बना दे मुझे तेरा दीवाना मुखर।
शायर तो मैं पहले कभी था नहीं,
पर तुझको देखकर लफ़्ज़ थमते ही नहीं।
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1 comment:
आपके एक–एक अल्फाज में मुहब्बत का नशा झलकता हैं , जो सीधे दिल में उतर जाता हैं। ❣️
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