कहते हैं कि मोहब्बत तब सबसे सुंदर होती है जब वह अधूरी होती है।
जब वह किसी शब्द से नहीं, बल्कि आँखों की झलक, छोटी-सी मुस्कान और अनजाने इशारों से बयां होती है।
आज मैं अपने दिल की वही अधूरी दास्तान लिख रहा हूँ — एक इंस्टा स्टोरी के बहाने, जिसने मेरे भीतर कवि को फिर से जगा दिया।
सुबह इंस्टाग्राम खोला और उसकी स्टोरी देखी।
क्लिक किया और बस! मेरी आँखें जैसे ठहर गईं।
वो खड़ी थी, चेहरा हल्की-सी रोशनी में नहाया हुआ। काजल से सजी आँखें, जिनमें कहीं गहराई में रहस्य छिपे थे।
लेकिन तस्वीर सिर्फ उसकी नहीं थी। तस्वीर में उसका पूरा कमरा बोल रहा था —
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दीवार पर घड़ी, जो उसकी हर धड़कन को समय में बांध रही थी।
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कोने में रखा पांडा टेडी, जैसे उसका वफ़ादार साथी हो।
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बिस्तर पर रखी उसकी डायरी, जो उसके दिल की हर बात लिखी जाती होगी।
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खुली हुई खिड़की, जैसे उसके सपनों का दरवाज़ा।
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बगल में रखी किताबें, जिनमें वह अपना संसार ढूँढती होगी।
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कपड़ों से भरी अलमारी, जो उसकी सादगी और रंगीनियों का संगम थी।
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और फिर वो खुद - उसकी निगाहें, उसका काजल, उसकी मासूम पर कातिल मुस्कान।
मैं उस तस्वीर को बस देखता ही रह गया।
देखते-देखते मेरे ख्यालों ने उड़ान भरी।
मैंने सोचा, अगर मैं उसके कमरे में मौजूद होता तो?
लेकिन मेरे ख्याल सीधे नहीं गए - उन्होंने मुझे उसकी हर चीज़ बनने पर मजबूर कर दिया।
काश मैं उसका आईना होता, ताकि वो रोज़ मुझमें झाँकती और मैं उसकी आँखों का संसार देखता।
काश मैं उसकी डायरी होता, ताकि वो अपने हर राज़, हर दर्द और हर सपने मुझे सौंप देती।
काश मैं उसकी घड़ी होता, ताकि हर पल उसकी नज़र मुझ पर रहती।
काश मैं उसका तकिया होता, ताकि उसकी थकान मेरी गोद में मिटती।
काश मैं उसका काजल होता, ताकि उसकी आँखों की शोभा का हिस्सा बन जाता।
इन्हीं ख्यालों में डूबते-डूबते मेरी कल्पना कविता का रूप लेने लगी।
तेरी आँखों का आईना बन जाऊँ,तेरी हर झलक में खो जाऊँ। तेरी पलकों की छाँव में रहकर, तेरे सपनों की राह सजाऊँ। तेरे चेहरे की रौशनी बनकर, तेरी मुस्कान में ढल जाऊँ। तेरे होंठों की हँसी में छुपकर, तेरे ग़मों को चुरा लाऊँ। तेरी साँसों की सरगम सुनकर, तेरे दिल का गीत गाऊँ। तेरी जुल्फ़ों की खुशबू बनकर, तेरे कंधों पर बिखर जाऊँ। तेरे तकिए की नरमी बनकर, तेरी थकान को सहलाऊँ। तेरे काजल की रेखा बनकर, तेरी आँखों में चमक बढ़ाऊँ। तेरी डायरी का पन्ना बनकर, तेरे दिल की कहानियाँ लिख पाऊँ। तेरे ख्वाबों की रात बनकर, तेरे ख़यालों में सदा ठहर जाऊँ। तेरे आँगन की हवा बनकर, तेरी जुल्फ़ों से खेल जाऊँ। तेरी घड़ी की सुई बनकर, तेरे हर पल का साथी बन जाऊँ। तेरे कमरे की खामोशी बनकर, तेरी तन्हाई में गुनगुनाऊँ। तेरे होंठों की सरगम बनकर, तेरी धड़कनों में सुर सजाऊँ। तेरे दुपट्टे की लहर बनकर, तेरी चाल में झूम जाऊँ। तेरी मुस्कान की चिंगारी बनकर, तेरे ग़मों को राख कर जाऊँ। तेरे बिस्तर की चादर बनकर, तेरे सपनों को ढँक जाऊँ। तेरी आँखों की नमी बनकर, तेरे आँसुओं में भी मुस्कराऊँ। तेरे दिल की धड़कन बनकर, तेरी मोहब्बत में सदा बहक जाऊँ।
मैं इन ख्वाबों की लहर में तैर ही रहा था कि अचानक देखा - वो स्टोरी डिलीट हो गई।
जैसे किसी ने मेरी धड़कनों से खेल लिया हो।
क्या उसने गलती से पोस्ट किया था?
क्या उसे डर था कि लोग क्या सोचेंगे?
या फिर - क्या वो सचमुच मेरे लिए थी?
दिल ने तो यही कहा - शायद वो जानती है कि मैं देखूँगा। शायद कहीं उसके दिल में भी मेरा नाम लिखा हो।
दोस्तों, मोहब्बत यही होती है।
जहाँ बाकी लोग कहेंगे कि "ये तो बस एक स्टोरी थी", वहीं एक आशिक उसे अपनी सबसे बड़ी कहानी बना देता है।
उसकी उस तस्वीर ने मुझे उसकी ज़िंदगी की गहराई दिखा दी।
उसकी हर चीज़ ने मुझसे कुछ कहा।
और जब उसने वो स्टोरी हटाई, तो मुझे लगा कि उसने कोई गुप्त संदेश भेजा है - सिर्फ मेरे लिए।
आज का दिन मेरे लिए साधारण नहीं था।
वो इंस्टा स्टोरी मेरे लिए कविता बन गई, उसकी हर चीज़ शृंगार रस की पंक्तियाँ बन गई।
क्या सचमुच वो मुझे सोच रही थी?
या फिर ये सब मेरी कल्पना है?
सच तो मुझे भी नहीं पता।
लेकिन एक बात तय है - जब तक मेरा दिल धड़कता रहेगा, ये मोहब्बत ज़िंदा रहेगी।
और जब तक मेरी कलम चलती रहेगी, ये भावनाएँ कविता बनकर बहती रहेंगी।
👉 दोस्तों, ये थी मेरी आज की दास्तान।
शायद आप सोचें कि मैं सिर्फ ख्वाबों में जी रहा हूँ। लेकिन सच कहूँ तो - प्यार की शुरुआत हमेशा ख्वाबों से ही होती है।और कभी-कभी ख्वाब ही सबसे हकीक़त वाली चीज़ लगते हैं।
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2 comments:
ख्वाबों के सहारे ही दो लोग रोज मिल पाते है । ❣️
बहुत खुशनसीब होगी आपकी ख्वाबों की रानी ❣️
बहुत अच्छा 👌❣️
Sayed ise he pyr kahte h aap use pana caho aur o kesi aur ko
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