तू ख्वाब थी जो आँखों में,
अब सच्चाई है किसी और की।
जिस दिल की तू धड़कन थी,
अब धड़कन है किसी और की।
मेरी तन्हा सी रातों में,
अब रौशनी है किसी और की।
जिस राह पे तुझे माँगा था,
अब मंज़िल है किसी और की।
तेरे बिना जो अधूरा था,
अब कहानी है किसी और की।
जिस पल में तेरी यादें थीं,
अब वह घड़ी है किसी और की।
मैं जिस गीत में डूबा था,
अब वो धुन है किसी और की।
जो मुस्कान थी होंठों पे,
अब वो हँसी है किसी और की।
तेरे बिना जो वीरान था,
अब वो बस्ती है किसी और की।
जिस छाँव में सुकून मिला,
अब वो छाया है किसी और की।
तेरे नाम पे जो जिया करता,
अब ज़िंदगी है किसी और की।
तेरा हर एक इशारा था,
अब बंदगी है किसी और की।
जिस स्पर्श से दिल महका था,
अब वो खुशबू है किसी और की।
जो लहरें थीं मेरी साँसों की,
अब वो नदी है किसी और की।
तेरे लिए जो अश्क बहे,
अब वो नमी है किसी और की।
मैं रोया तेरे ख्वाबों में,
अब वो नींद है किसी और की।
जिस आँगन में तेरा नाम लिखा,
अब वो चौखट है किसी और की।
जिस रंग से तू रंगी थी,
अब वो होली है किसी और की।
तेरे लिए जो दिल धड़का,
अब वो धड़कन है किसी और की।
तू प्यार थी जो मेरा कभी,
अब चाहत है किसी और की।
- गोलू कुमार गुप्ता